Gitapress Pramukh Devata Chitra Katha (Code-1215)
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PRODUCT DETAILS
Gitapress Pramukh Devata Chitra Katha (Code-1215) :- गीताप्रेस की पुस्तक "गीताप्रेस प्रमुख देवता चित्रकथा (कोड-1215)" एक रोचक और शिक्षाप्रद पुस्तक है। इस पुस्तक में विभिन्न देवताओं के चित्रकथा और उनके उपासना योग्य चित्रभी दिए गए हैं।
प्रत्येक देवता की चित्रकथा एक-दूसरे से अलग है और उनका महत्व भी अलग-अलग है। भगवान गणेश को विद्या और बुद्धि के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उनकी चित्रकथा में उनके जन्म का वर्णन और उनके विभिन्न रूपों का समर्थन है।
भगवान सूर्य को जीवनदाता और प्रकाश के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उनकी चित्रकथा में उनके उदय, अस्त, और अवधि का वर्णन है।
भगवान विष्णु को सृष्टि के पालक, संहारक और पालने वाले के रूप में पूजा जाता है। उनकी चित्रकथा में उनके अवतारों का समर्थन है और उनके लीलाएं भी वर्णित हैं।
भगवान शिव को त्रिकालज्ञ, महादेव और रुद्र के रूप में पूजा जाता है। उनकी चित्रकथा में उनके विभिन्न अवतारों का वर्णन है और उनके अनेक विशेषताओं के बारे में भी जानकारी दी गई है।
भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की चित्रकथा में उनके जीवन और लीलाएं वर्णित हैं। इन देवताओं के प्रति भक्ति एवं श्रद्धा के बारे में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है।रुद्रावतार श्री हनुमान और यज्ञ के अधिष्ठाता श्री अग्नि देव की चित्रकथा में उनके उपास्य रूप और महत्व के बारे में जानकारी दी गई है।इस पुस्तक को पढ़कर भक्त को अपने प्रिय देवताओं के बारे में अधिक जानकारी मिलती है और उन्हें उपासना एवं श्रद्धा के साथ पूजन करने का आनंद मिलता है। यह पुस्तक सभी धार्मिक और भक्ति प्रेमी लोगों के लिए उपयुक्त है और उन्हें अपने देवताओं के साथ और करीब से जोड़ती है।
Gitapress Pramukh Devata Chitra Katha (Code-1215)
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